स्मार्ट सिटी आगरा का हाल: बारिश में उखड़ी सड़कें, कदम-कदम पर गड्ढों से लोग परेशान
स्मार्ट सिटी आगरा में पहली बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कें उखड़ गईं। जगह-जगह गड्ढों और जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानिए पूरी रिपोर्ट।
स्मार्ट सिटी आगरा का हाल: कदम-कदम पर गड्ढे, पहली बारिश में उखड़ी सड़कें; लोगों का चलना हुआ दुश्वार
आगरा। देश-दुनिया में ताजमहल के लिए मशहूर आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। आधुनिक सड़कें, बेहतर यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन पहली ही तेज बारिश के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। जगह-जगह सड़कें उखड़ गई हैं और गहरे गड्ढों के कारण लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है।
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में इन गड्ढों के कारण लंबा जाम लग जाता है। दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि गड्ढों में फिसलने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश शुरू होते ही सड़कों की यही स्थिति हो जाती है। कुछ दिन पहले तक जिन सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य हुआ था, वे भी पहली बारिश में ही टूट गईं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें अधिक समय तक टिक नहीं पा रही हैं।
व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़कों का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। बाजारों में आने वाले ग्राहकों को जाम और खराब रास्तों की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर के कई इलाकों में सड़क के साथ-साथ जलभराव की समस्या भी देखने को मिल रही है। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। कई वाहन चालक गड्ढों में फंसकर गिर चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर वाहन क्षतिग्रस्त होने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी पैचवर्क करने के बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि हर बारिश में शहरवासियों को इसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि बारिश की पहली फुहार में ही सड़कें टूट जाएं, तो योजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर सड़कों की मरम्मत कराएंगे और आगरा को वास्तव में एक बेहतर और सुरक्षित स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगे।