आगरा में छात्रों का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग | जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में मार्च
आगरा में छात्रों ने जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में मार्च निकालकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
आगरा में छात्रों ने लगाए नारे- "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो": जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में निकाला मार्च, मांगें न मानने पर आंदोलन की चेतावनी
आगरा। देशभर में शिक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों के बीच शुक्रवार को आगरा में भी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शहर में मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों की समस्याओं का समाधान तथा अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो", "छात्र विरोधी नीतियां बंद करो" और "शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाए।
छात्र नेताओं का कहना था कि देशभर के विद्यार्थियों को शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई गंभीर मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का उद्देश्य छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है और आगरा के छात्र भी इसी अभियान के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं।
मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकला, जहां पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में धरना-प्रदर्शन, जनजागरूकता अभियान और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
छात्रों ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था प्रत्येक छात्र का अधिकार है।
मार्च के समापन पर छात्र नेताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सभी विद्यार्थियों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने की अपील की।
छात्र संगठनों का कहना है कि यदि आने वाले समय में उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जिले भर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।