धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष का आया रिएक्शन
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत बताया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने NEET विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष का आया रिएक्शन
नई दिल्ली। NEET-UG विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेजने की जानकारी दी। इसके बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत बताया है। कई नेताओं ने कहा कि NEET विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन और दबाव का असर अब दिखाई दिया है।
खरगे बोले- छात्रों और विपक्ष की जीत
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, उनके परिवारों और संयुक्त विपक्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंची है। खरगे ने इसे मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला घटनाक्रम बताते हुए कहा कि NEET विवाद में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
राहुल गांधी ने युवाओं को दी बधाई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद युवाओं और छात्र प्रदर्शनकारियों को बधाई दी। उन्होंने इसे युवाओं की ताकत और लगातार उठाई गई आवाज का परिणाम बताया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी NEET विवाद को लेकर छात्रों से माफी मांगने की मांग की।
प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। विपक्षी नेताओं ने छात्र आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाने का उदाहरण बताया और कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
शशि थरूर बोले- जवाबदेही से बचना संभव नहीं
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र में जवाबदेही से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, यह संकेत है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जवाबदेही को लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे ऐसी व्यवस्था बने जिससे किसी भी युवा के भविष्य पर परीक्षा संबंधी विवाद का असर न पड़े।
जंतर-मंतर पर छात्रों की प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के बीच भी हलचल देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी प्रमुख मांग पूरी होने के रूप में देखा, हालांकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने संकेत दिया कि उनकी अन्य मांगें अभी बाकी हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि उनका फैसला विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अब देखना होगा कि सरकार शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपती है और NEET विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था में छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।