आगरा में शिक्षकों को कैशलेस इलाज का तोहफा, CM योगी के कार्यक्रम से मिली बड़ी राहत
आगरा में CM योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पात्र शिक्षकों और परिवारों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
आगरा में शिक्षकों को मिला कैशलेस इलाज का तोहफा, CM योगी ने शुरू किया कार्यक्रम
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय आगरा दौरे के दूसरे दिन रविवार को शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में मुख्यमंत्री ने शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सरकार की इस पहल से शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है। इस योजना का प्रदेश स्तर पर शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 जुलाई को वाराणसी से किया था। योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य यह है कि गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में शिक्षक परिवार को इलाज के लिए तत्काल बड़ी रकम की व्यवस्था न करनी पड़े। योजना से प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक और उनके परिवार लाभान्वित हो सकते हैं।
इस योजना में केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि पात्र शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से जुड़े कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
कैशलेस चिकित्सा सुविधा शुरू होने से शिक्षकों को इलाज के समय आर्थिक परेशानियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है। योजना लागू होने के कुछ ही दिनों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों के इलाज को मंजूरी भी मिल चुकी है। 19 जुलाई तक 47 जिलों के 142 शिक्षकों और उनके आश्रितों के इलाज के लिए करीब 37.81 लाख रुपये की मंजूरी दी जा चुकी थी।
आगरा में आयोजित कार्यक्रम को प्रदेश के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को इलाज के समय बेहतर और आसान स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों को भविष्य में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।